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Rajya Sabha Election Result 2024: यूपी राज्यसभा चुनाव में भाजपा के सभी उम्मीदवार हुए विजयी, तो एक सीट पर सपा को मिली हार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीट के लिए मंगलवार हुए मतदान में भाजपा को बड़ी जीत मिली है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सभी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। वहीं सपा के खाते में दो सीट गई है। समाजवादी पार्टी को एक सीट पर मात खानी पड़ी है। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीट के लिए मंगलवार सुबह नौ बजे से जारी मतदान शाम चार बजे समाप्त हो गया। जिसके बाद देर शाम तक मतगणना हुई।

वहीं भाजपा उम्मीदवारों की जीत पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “आज हमारे सभी आठों प्रत्याशी जीते हैं मैं सभी को बधाई देता हूं और सपा के भी दो प्रत्याशी जीते हैं तो उन्हें भी मैं बधाई देता हूं।”

बता दें कि भाजपा के आठ और सपा के तीन प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। वहीं सपा के सात विधायकों पर क्रास वोटिंग करने का भी आरोप लगा है। वहीं मतदान को लेकर  एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार उत्‍तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में मौजूदा समय में 399 सदस्य हैं, जिनमें 395 सदस्यों ने अपने मत का प्रयोग किया। इसके पहले चुनाव के पीठासीन अधिकारी बृजभूषण दुबे ने कहा था, ‘‘ मतदान सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा और मतगणना शाम पांच बजे से शुरू होगी और नतीजे आज रात को घोषित होने की संभावना है।’’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा समाजवादी पार्टी (सपा) अध्‍यक्ष अखिलेश यादव समेत कई वरिष्ठ नेता सुबह ही मतदान के लिए विधानसभा पहुंचे। योगी आदित्यनाथ ने वोट डालने के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर विजयी मुद्रा की अपनी तस्वीर साझा करते हुए कहा, ‘‘राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए आज विधान भवन, लखनऊ में मतदान किया। सभी भाजपा प्रत्याशियों की विजय हेतु हार्दिक मंगलकामनाएं। ’’

इस चुनाव में विधानसभा सदस्य मतदान करते हैं। विधानसभा पहुंचे उप मुख्यमंत्री एवं विधान परिषद सदस्य केशव प्रसाद मौर्य ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ अखिलेश यादव ने अपना तीसरा उम्मीदवार उतारकर गलती की और उनके पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है।’’ मौर्य ने कहा, ‘‘ सपा ‘समाप्‍तवादी पार्टी’ बन गयी है और भाजपा के सभी आठ उम्मीदवार जीतेंगे।’’

उपमुख्‍यमंत्री पाठक ने भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सभी उम्मीदवार जीतने वाले हैं। विधानसभा के तिलक हॉल में वोट डालने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग इस स्थिति में ‘‘फायदा’’ तलाश रहे हैं, वे चले जाएंगे। यादव ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि वह चुनाव जीतने के लिए सभी हथकंडे अपनाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बागियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

अखिलेश यादव से जब उनके द्वारा बुलाई गई बैठक में पार्टी विधायकों की अनुपस्थिति के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘‘ जो स्थिति का फायदा तलाश रहे हैं वे चले जाएंगे। जिनसे वादा किया गया था वे जाएंगे।’’ यादव ने कहा, ‘‘ किसी को सुरक्षा की चिंता होगी, किसी को धमकाया गया होगा, किसी को कुछ और कहा गया होगा । जिसके अंदर लड़ने का साहस नहीं होगा वही जाएंगे।’’

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ जो लोग किसी की राह में कीलें बिछाते हैं या दूसरों के लिए गड्ढा खोदते हैं, वे खुद उसमें गिर जाते हैं।’’ यादव ने कहा, ‘‘ आप देख चुके हैं कि चंडीगढ़ में सीसीटीवी कैमरों के सामने क्या हुआ? मैं उच्चतम न्यायालय को धन्यवाद देता हूं जिसने संविधान को बचाया। भाजपा चुनाव जीतने के लिए सभी हथकंडे अपना सकती है। उसने कुछ लाभ का आश्वासन (कुछ विधायकों को) दिया होगा…भाजपा चुनाव जीतने के लिए कुछ भी करेगी।’’

सपा प्रमुख ने मंगलवार को दोपहर बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्‍स’ पर कहा ”हमारी राज्यसभा की तीसरी सीट दरअसल सच्चे साथियों की पहचान करने की परीक्षा थी और यह जानने की भी कि कौन-कौन दिल से पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के साथ और कौन अंतरात्मा से पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ है। अब सब कुछ साफ़ है, यही तीसरी सीट की जीत है।”

सोमवार को यादव द्वारा बुलाई गई बैठक में सपा के आठ विधायक शामिल नहीं हुए। सपा के एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर बताया कि पार्टी प्रमुख ने विधायकों को राज्यसभा चुनाव की मतदान प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने के लिए एक बैठक बुलाई थी। हालांकि, उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय और सात अन्य विधायक मुकेश वर्मा, महाराजी प्रजापति, पूजा पाल, राकेश पांडे, विनोद चतुर्वेदी, राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह इस बैठक में शामिल नहीं हुए। मतदान के दिन पांडेय ने विधानसभा में मुख्य सचेतक पद से भी इस्तीफा दे दिया और अपना त्यागपत्र पार्टी प्रमुख को भेज दिया।

सपा सदस्य राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और राकेश पांडेय एक ही गाड़ी से मत डालने आये। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर इस बात का जवाब नहीं दिया कि वे अपना मत किसको देने जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने भाजपा की तरफ इशारा जरूर किया। सपा विधायक राकेश पांडेय के बेटे एवं आंबेडकर नगर से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद रितेश पांडेय ने रविवार को बसपा की सदस्‍यता से त्यागपत्र दे दिया और भाजपा में शामिल हो गये। इस बीच, सपा सदस्य राकेश प्रताप सिंह ने कहा, ‘‘ हम अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर मत डालेंगे।’’ क्या जय श्री राम होगा, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘राम हर जगह हैं..।’’

बाद में राकेश प्रताप सिंह ने पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कहा कि ”वोट किसे दिया है, यह न तो बताया जाता और न ही दिखाया जाता है।” हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि ” मैंने शिवपाल सिंह यादव (सपा महासचिव) को दिखाकर वोट दिया है।” इस बीच मंगलवार अपराह्न करीब ढाई बजे सपा महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने ‘एक्‍स’ पर कहा कि अब अंतरात्मा के साथ-साथ सम्पूर्ण आत्मा की जांच क्षेत्र की जनता करेगी ताकि ऐसी भटकती हुई आत्माएं हमेशा के लिए शांत हो जाएं। विधानसभा में जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के नेता रघुराज प्रताप सिंह ने पत्रकारों से दावा किया ,‘‘ भाजपा के सभी आठों प्रत्याशी जीतेंगे और हमने एवं हमारे विधायक विनोद सरोज ने भाजपा उम्‍मीदवारों को वोट दिया है।

सपा द्वारा तीन राज्‍यसभा उम्‍मीदवारों की घोषणा के बाद ही सपा को वोट न देने का ऐलान करने वाली समाजवादी पार्टी की विधायक एवं अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने मंगलवार को न केवल मतदान किया बल्कि इस बीच पत्रकारों से कहा , ”मेरे वजूद में धोखा नहीं है, मैं धोखा और गद्दारी नहीं कर सकती। मैंने पीडीए को वोट किया है। मैंने खुलकर और दिखा कर रामजीलाल सुमन (सपा उम्‍मीदवार) को वोट किया है।” पटेल ने कहा, ”मैं पीडीए में थी, हूं और भविष्य में भी रहूंगी। पीडीए मेरी आत्मा और जान है इसकी लड़ाई लड़ती रहूंगी।”

राष्‍ट्रीय लोकदल (रालोद) ने ‘एक्‍स’ पर कहा कि पार्टी के सभी नौ विधायकों ने एक साथ, एकमत होकर राजग (राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) प्रत्याशी को वोट किया। राष्ट्रीय लोकदल का वोट किसान, नौजवान, गरीब, महिलाओं के हक में है। इसी संदेश में कहा गया ”हर वोट भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी के विचारों से प्रभावित और प्रेरित है। सभी माननीय विधायकों का धन्यवाद है जिन्होंने देश की मूल भावना के प्रति, चौधरी साहब के आदर्शों, मानकों और उनके सपनों के प्रति अपनी कड़ी मुहर लगाई है।”

राज्यसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आठ और समाजवादी पार्टी (सपा) ने तीन उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। भाजपा ने अपने आठवें उम्मीदवार के रूप में संजय सेठ को मैदान में उतारा है। समझा जाता है कि इस कारण एक सीट पर कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की संभावना है। स्थानीय उद्योगपति एवं पूर्व सपा नेता सेठ 2019 में भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा के सात अन्य उम्मीदवार पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.पी.एन. सिंह, पूर्व सांसद चौधरी तेजवीर सिंह, पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के महासचिव अमरपाल मौर्य, पूर्व राज्य मंत्री संगीता बलवंत (बिंद), पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, पूर्व विधायक साधना सिंह और आगरा के पूर्व महापौर नवीन जैन हैं।

सपा ने अभिनेत्री-सांसद जया बच्चन, सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी एवं उप्र के पूर्व मुख्‍य सचिव आलोक रंजन और दलित नेता रामजी लाल सुमन को मैदान में उतारा है। राज्यसभा चुनाव के नतीजे आज ही घोषित कर दिये जायेंगे। 403 सदस्यीय राज्य विधानसभा में भाजपा और सपा सबसे बड़े दल हैं। भाजपा के 252 और सपा के 108 विधायक हैं।

सपा की गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के पास दो सीट हैं। भाजपा के सहयोगी दलों में अपना दल (सोनेलाल) के पास 13, निषाद पार्टी के पास छह, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के पास नौ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के पास छह, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के पास दो और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पास एक सीट है। फिलहाल विधानसभा में चार सीट खाली हैं। एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के खातिर एक उम्मीदवार को लगभग 37 प्रथम-वरीयता मतों की आवश्यकता होगी।

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