प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील के दौरे के बाद अब नामीबिया पहुंचे हैं। इस दौरे के दौरान उन्होंने नामीबिया के राष्ट्रपति से भेंट की और दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की। इसके अलावा पीएम मोदी ने नामीबिया की संसद में भी संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने भारत-नामीबिया के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण बातें कही।
पीएम मोदी का यह दौरा भारत और अफ्रीका के बीच मजबूत साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नामीबिया में पीएम मोदी का पूरा शेड्यूल विभिन्न औपचारिक बैठकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भरा हुआ है। भारत अफ्रीका के साथ आर्थिक, तकनीकी और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस यात्रा के जरिए भारत की अफ्रीकी महाद्वीप में बढ़ती भूमिका को भी बल मिलेगा। पीएम मोदी का नामीबिया दौरा दोनों देशों के बीच नए निवेश और व्यापारिक अवसरों को जन्म देगा। साथ ही, यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति को भी मजबूत करेगा।
पीएम मोदी ने नामीबिया के राष्ट्रपति के साथ वार्ता में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने वैश्विक मंचों पर आपसी समर्थन की प्रतिबद्धता जताई और अफ्रीकी देशों के साथ भारत के मजबूत रिश्तों को रेखांकित किया।
पीएम मोदी के संसद संबोधन में उन्होंने भारत की विकास मॉडल और तकनीकी प्रगति के उदाहरण साझा किए। उन्होंने नामीबिया के युवाओं को कौशल विकास और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया, ताकि दोनों देशों के बीच नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके।
नामीबिया दौरे के दौरान भारत और नामीबिया ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें रक्षा सहयोग, ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी, और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग शामिल हैं। यह समझौते दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग की नींव मजबूत करेंगे।
पीएम मोदी की इस यात्रा का अफ्रीका के अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। यह दौरा भारत की विदेश नीति में अफ्रीका को प्राथमिकता देने की रणनीति को दर्शाता है और आर्थिक एवं सामरिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।



