एविएशन सेक्टर में देश की सबसे पुरानी एयरलाइन कंपनी Air India एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। भारत सरकार ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि बीते 6 महीनों के भीतर एयर इंडिया को कुल 9 कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी किए गए हैं। ये नोटिस नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा विभिन्न नियमों और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के कारण जारी किए गए हैं।
ये नोटिस यात्रियों की सुरक्षा, फ्लाइट संचालन में अनियमितताएं, केबिन क्रू की लापरवाही, तकनीकी जांच में गड़बड़ी, और समय पर रिपोर्टिंग में विफलता जैसे मुद्दों पर आधारित हैं। एक या दो नहीं, बल्कि कई बार DGCA को यह महसूस हुआ कि एयरलाइन ने दिशा-निर्देशों को या तो नजरअंदाज किया या पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई।
सरकार के मुताबिक, इन नोटिसों के जवाब में एयर इंडिया ने कुछ मामलों में स्पष्टीकरण और सुधारात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट दी है, लेकिन DGCA अब भी स्थिति की निगरानी कर रहा है। कुछ मामलों में आर्थिक दंड और अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी सिफारिश की गई है। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब एयर इंडिया देश-विदेश में फ्लीट विस्तार और छवि सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक जिम्मेदार राष्ट्रीय एयरलाइन के तौर पर Air India को नियमों का पालन और सुरक्षा मानकों पर कठोर नियंत्रण रखना होगा, वरना यह यात्रियों के विश्वास को कमजोर कर सकता है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार के बीच, इस तरह की चूकें एयरलाइन की प्रतिष्ठा पर गंभीर असर डाल सकती हैं।
सरकार द्वारा यह जानकारी सार्वजनिक करने से यह साफ हो गया है कि वह एविएशन सेफ्टी को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहती। इससे यह उम्मीद भी जगी है कि बाकी एयरलाइंस भी अपनी प्रणाली में सुधार लाएंगी और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगी।



