
भारत की विदेश नीति हमेशा से ही “वसुधैव कुटुंबकम्” के सिद्धांत पर आधारित रही है। इसी क्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक अहम बयान देते हुए अमेरिका समेत विश्व समुदाय को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत किसी भी देश को दुश्मन नहीं मानता। उनका कहना है कि भारत का दृष्टिकोण हमेशा शांति, सहयोग और समानता पर आधारित रहा है। भारत अपने पड़ोसियों के साथ भी रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश करता है, लेकिन जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की आती है तो किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता।
राजनाथ सिंह ने अमेरिका को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि भारत की ताकत उसकी संस्कृति, परंपरा और सैन्य शक्ति का संयोजन है। भारत मित्रता निभाना जानता है लेकिन यदि कोई उसकी संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देगा तो जवाब देना भी जानता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत की विदेश नीति किसी देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि वैश्विक शांति और विकास के लिए है।
अमेरिका के साथ रिश्तों पर उन्होंने साफ कहा कि भारत अपने हितों के साथ किसी भी देश के दबाव में नहीं आएगा। भारत का उद्देश्य विश्व में संतुलन और सहयोग की नीति को आगे बढ़ाना है। आज भारत एक ऐसी शक्ति के रूप में उभरा है जिस पर पूरी दुनिया भरोसा कर रही है। चाहे रक्षा क्षेत्र हो, आर्थिक साझेदारी हो या रणनीतिक सहयोग, भारत हर स्तर पर मजबूती से खड़ा है।
राजनाथ सिंह का यह बयान उन ताकतों के लिए भी संकेत है जो भारत को दबाव में लेने की कोशिश करती हैं। उन्होंने दोहराया कि भारत अपने आत्मसम्मान और स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं करेगा। इस तरह उनका यह संदेश न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया को भारत की मजबूत और स्वतंत्र विदेश नीति का परिचय कराता है।



