
भारत लंबे समय से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का शिकार रहा है। आए दिन आतंकवादियों की करतूतें न केवल सीमा पर बल्कि देश के भीतर भी निर्दोष लोगों को अपना निशाना बनाती रही हैं। ऐसे ही हालात में हाल ही में एक पाकिस्तानी आतंकी का वीडियो सामने आया, जिसमें उसने रो-रोकर अपना हाल बताया। इस कबूलनामे ने पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान की असलियत उजागर कर दी है। आतंकी ने स्पष्ट शब्दों में स्वीकार किया कि उसे पाकिस्तान की धरती से भारत में हिंसा फैलाने और मासूमों का खून बहाने के लिए भेजा गया था। लेकिन जब वह भारतीय सुरक्षा बलों के सामने आया, तो उसके आंसुओं ने पाकिस्तान के झूठ और उसकी नापाक साजिश को पूरी तरह बेनकाब कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले पर पाकिस्तान को सीधा और सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोदी ने दोहराया कि भारत न तो दबाव में आएगा और न ही डर के आगे झुकेगा। उनका यह संदेश न केवल पाकिस्तान बल्कि उन सभी ताकतों के लिए चेतावनी है जो आतंकवाद को अपना हथियार मानकर निर्दोषों की जान लेते हैं। मोदी ने साफ कहा कि आतंक का रास्ता चुनने वालों का अंजाम हमेशा बर्बादी ही होता है।
पाकिस्तानी आतंकी के रोते हुए कबूलनामे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पाकिस्तान की साख को सवालों के घेरे में ला दिया है। जो देश अपने ही युवाओं को आतंक के रास्ते पर धकेलता है और उन्हें पड़ोसी देश में तबाही मचाने भेजता है, उसकी नीयत कभी भी शांतिपूर्ण नहीं हो सकती। दुनिया आज यह देख रही है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किस मजबूती और प्रतिबद्धता के साथ लड़ रहा है। वहीं पाकिस्तान की भूमिका अब हर जगह कटघरे में खड़ी हो चुकी है।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश यह भी दर्शाता है कि भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए न सिर्फ सुरक्षात्मक बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी लगातार प्रयास कर रहा है। पाकिस्तान को यह समझना होगा कि आतंक की राजनीति ज्यादा समय तक नहीं चल सकती। एक ओर जहां भारत विकास, शांति और प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है, वहीं पाकिस्तान आतंकवाद के दलदल में फंसकर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि को और भी खराब कर रहा है।
निष्कर्ष रूप में कहा जाए तो पाकिस्तानी आतंकी का रो-रोकर दिया गया बयान केवल एक घटना नहीं, बल्कि पाकिस्तान की असफल नीतियों का जीवंत प्रमाण है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश से यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई समझौता नहीं करेगा। आज दुनिया को यह देखना होगा कि शांति और विकास का रास्ता चुनना है या फिर आतंक और हिंसा की अंधेरी राह पर चलकर बर्बादी का सामना करना है।



