
हरियाणा की राज्य कैबिनेट की ताजा बैठक ढाई घंटे तक चली, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में सबसे प्रमुख विषय प्रधानमंत्री के आगामी दौरे को लेकर रणनीति और तैयारियों का था। मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने दौरे को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा, कार्यक्रम और जनता से संपर्क के सभी पहलुओं पर विस्तार से विचार किया। बैठक में यह तय किया गया कि दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा चुनौती न उत्पन्न हो, इसके लिए हर जिला प्रशासन को निर्देश दिए जाएँ।
इसके अलावा, बैठक में IPS पूरन कुमार के हालिया सुसाइड पर भी विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने इस घटना के पीछे की परिस्थितियों, मानसिक स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में तनावपूर्ण परिस्थितियों की समीक्षा की। मंत्रियों ने पुलिस विभाग के मानसिक स्वास्थ्य और कर्मचारियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का निर्णय लिया कि पुलिस कर्मियों को समय पर मानसिक और भावनात्मक सहायता मिल सके, जिससे इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास योजनाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और जनता को उनकी सुविधाओं का लाभ सीधे तौर पर मिले। वित्तीय संसाधनों के उपयोग और सरकारी परियोजनाओं की समय पर प्रगति पर भी चर्चा हुई।
इसके अतिरिक्त, बैठक में राज्य की कानून व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने के उपायों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। मंत्रियों ने शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने, पुलिस फोर्स की तैयारी और नागरिक सुरक्षा उपायों की समीक्षा की।
कुल मिलाकर, यह कैबिनेट बैठक न केवल प्रधानमंत्री के दौरे की पूरी योजना को अंतिम रूप देने के लिए महत्वपूर्ण थी, बल्कि IPS पूरन कुमार के सुसाइड जैसे संवेदनशील मामले पर भी सरकार के गंभीर नजरिए को दर्शाती है। यह स्पष्ट संकेत है कि हरियाणा सरकार प्रशासनिक मामलों के साथ-साथ कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है।



