
देशभर में दीपों का पर्व दीवाली बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक, सभी ने इस पावन पर्व को अपने-अपने अंदाज़ में मनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार भी परंपरा को निभाते हुए देश के वीर जवानों के साथ सीमा क्षेत्र में दीवाली मनाई। उन्होंने सैनिकों को मिठाई खिलाई, दीप जलाए और कहा कि “देश की सुरक्षा में तैनात हमारे जवान ही असली नायक हैं, जिनकी वजह से हम सब सुरक्षित हैं।” प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को अपनाने की अपील की।
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां इस वर्ष भी रिकॉर्ड संख्या में दीप जलाकर नया इतिहास रचा गया। अयोध्या की सरयू तट दीपों की रोशनी से जगमगा उठी। मुख्यमंत्री ने रामलला के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना की और जनता को ‘हर घर दीपावली’ का संदेश दिया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने परिवार के साथ लक्ष्मी-गणेश पूजा की और लोगों से पटाखों के बजाय दीप जलाने की अपील की ताकि प्रदूषण कम हो सके। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में दीपावली मेले का शुभारंभ किया और राज्य की जनता को समृद्धि और खुशहाली की शुभकामनाएं दीं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में काली पूजा के दौरान मां काली की आराधना की और शांति एवं एकता का संदेश दिया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई में दिवाली के अवसर पर गरीब बच्चों के साथ मिठाई बांटी और दीप जलाए।
देश के कोने-कोने से दीपावली की रोशनी और उल्लास की तस्वीरें सामने आईं। हर राज्य में अलग-अलग अंदाज़ में इस पर्व को मनाया गया, लेकिन सभी के मन में एक ही भावना थी — “अंधकार से प्रकाश की ओर, असत्य से सत्य की ओर।” इस बार की दीवाली सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि एकता, श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक बन गई।



