
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने के उद्देश्य से भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के बीच हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच दोनों देशों की भूमिका और सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में सुरक्षा, रक्षा, व्यापार, शिक्षा, तकनीकी सहयोग और वैश्विक चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन तथा समुद्री सुरक्षा पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इस बातचीत के दौरान क्वाड (QUAD) समूह के भीतर सहयोग को और गतिशील बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। भारत और ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से क्वाड के तहत समुद्री सुरक्षा, तकनीकी साझेदारी और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। पेनी वोंग ने भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उसकी संतुलित नीति की सराहना की। वहीं, एस. जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया के साथ बढ़ते विश्वास, पारस्परिक सम्मान और साझा हितों को भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का मजबूत आधार बताया। बैठक में विशेष रूप से उभरती तकनीकों, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग को और विस्तार देने पर भी सहमति बनाई गई, जिससे दोनों देशों के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
व्यापार और आर्थिक साझेदारी भी इस वार्ता का प्रमुख विषय रहा। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और सप्लाई चेन को अधिक मजबूत और विविध बनाने पर विचार-विमर्श किया। वर्तमान समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक संबंध तेजी से बढ़ रहे हैं, और इस बैठक ने इस गति को और अधिक मजबूती प्रदान की। बैठक के अंत में दोनों देशों ने यह स्पष्ट किया कि उनकी साझेदारी सिर्फ द्विपक्षीय नहीं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए भी महत्त्वपूर्ण है। ऐसे दौर में जब दुनिया कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है, भारत और ऑस्ट्रेलिया का सहयोग न केवल दोनों देशों के हित में है, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता का आधार भी है।



