
G20 Summit के दौरान भारत और फ्रांस की दोस्ती एक बार फिर सुर्खियों में आ गई, जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान कहा— “हमारी दोस्ती अमर रहे।” यह वाक्य केवल दो नेताओं की व्यक्तिगत मित्रता का प्रतीक नहीं था, बल्कि भारत और फ्रांस के बीच दशकों से चले आ रहे रणनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग की गहराई को भी दर्शाता है। दोनों नेताओं की बातचीत वैश्विक मुद्दों, क्षेत्रीय स्थिरता, रक्षा साझेदारी, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी नवाचारों पर केंद्रित रही।
मैक्रों ने पीएम मोदी की अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की प्रमुख आवाज़ बन चुका है। उन्होंने भारत की “वसुधैव कुटुंबकम” की सोच और वैश्विक चुनौतियों को सामूहिक रूप से हल करने के प्रयासों को भी सराहा। वहीं पीएम मोदी ने भी फ्रांस को भारत का सदाबहार मित्र बताते हुए कहा कि दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं और साथ मिलकर वैश्विक शांति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
G20 बैठक के इतर हुई इस मुलाकात में कई प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, खासकर राफेल, नेवल डिफेंस और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में। इसके साथ ही स्पेस टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पेमेंट सिस्टम और स्टार्टअप इनोवेशन को लेकर संयुक्त पहल पर भी चर्चा हुई। फ्रांस ने भारत के हरित ऊर्जा और सोलर मिशन कार्यक्रम की भी तारीफ की।
भारत-फ्रांस संबंध हमेशा से भरोसे और पारस्परिक सम्मान पर आधारित रहे हैं। चाहे वह जलवायु परिवर्तन पर गठबंधन बनाना हो, अंतरिक्ष अनुसंधान में सहयोग बढ़ाना हो या इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति को मजबूत करना—दोनों देश हमेशा साथ खड़े दिखाई देते हैं। मैक्रों द्वारा कहा गया “हमारी दोस्ती अमर रहे” इस संबंध को और अधिक भावनात्मक और मजबूत बनाता है।
मुलाकात का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि दोनों देशों ने वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर विकासशील देशों की चिंताओं को वैश्विक एजेंडा के केंद्र में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कुल मिलाकर, G20 Summit में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की यह गर्मजोशी भरी मुलाकात न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही, बल्कि इसने भारत-फ्रांस मित्रता को नई ऊर्जा भी प्रदान की। दोनों नेताओं के “अमर दोस्ती” संदेश ने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाले वर्षों में यह साझेदारी और अधिक मजबूत, प्रभावशाली और वैश्विक हितों के लिए उपयोगी साबित होगी।



