
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन ने पूरे देश को गहरे शोक में डाल दिया है। उनकी अदाकारी, सरल स्वभाव और बेहतरीन फिल्मों की विरासत ने हिंदी सिनेमा को एक नई ऊँचाई दी। इसलिए जब उनके निधन की खबर आई, तो देश के शीर्ष नेतृत्व से लेकर आम जनता तक हर कोई भावुक हो उठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत कई दिग्गज नेताओं ने सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि “सिनेमा के एक युग का अंत हो गया है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने धर्मेंद्र के साथ अपनी मुलाकातों को याद करते हुए लिखा कि वह न केवल एक महान कलाकार थे, बल्कि एक विनम्र, ज़मीनी और दिलदार इंसान भी थे। पीएम मोदी ने कहा कि धर्मेंद्र ने भारतीय सिनेमा को ऐसी अनोखी पहचान दी, जिसका मुकाबला करना आसान नहीं है। वहीं राष्ट्रपति मुर्मु ने उन्हें एक बहुमुखी कलाकार बताते हुए कहा कि धर्मेंद्र की सहजता और सादगी ने उन्हें हर वर्ग के दर्शकों के दिलों में बसाया।
इसके अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विपक्ष के नेताओं ने भी धर्मेंद्र के निधन पर गहरा दुख जताया। सबने एक सुर में कहा कि धर्मेंद्र केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि भारतीय फिल्म इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय थे। उनकी फ़िल्में—शोले, धरम वीर, बंदिनी, अनपढ़, सत्यकाम—आज भी उतनी ही लोकप्रिय हैं जितनी अपने समय में थीं।
धर्मेंद्र की पहचान ‘ही-मैन’ के रूप में हुई, लेकिन उन्होंने रोमांस, कॉमेडी और भावनात्मक भूमिकाओं में भी अपनी अदाकारी का जलवा दिखाया। नेताओं ने यह भी याद किया कि धर्मेंद्र ने अपने राजनीतिक जीवन में भी सादगी और स्वभाविकता को बनाए रखा। संसद में उनकी उपस्थिति और व्यवहार आज भी कई लोगों को प्रेरित करता है।
उनके जाने से सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि पूरा देश एक ऐसे व्यक्तित्व से वंचित हो गया है जिसने दशकों तक लोगों का मनोरंजन किया और अनगिनत दिलों को छुआ। नेताओं ने कहा कि धर्मेंद्र की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी और उनका योगदान भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में हमेशा दर्ज रहेगा।
धर्मेंद्र की यह यादें बताती हैं कि वह केवल पर्दे के नायक नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन में भी उतने ही बड़े व्यक्तित्व के धनी थे। उनका जाना सचमुच एक युग का अंत है।



