
देश के सर्वोच्च न्यायालय में एक ऐतिहासिक क्षण तब दर्ज हुआ जब जस्टिस सूर्यकांत ने भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित सादे व गरिमामयी समारोह में राष्ट्रपति द्वारा उन्हें पद की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के बाद जस्टिस सूर्यकांत ने अपने सरल व संस्कारी स्वभाव का उदाहरण पेश करते हुए सबसे पहले अपने भाई-बहनों के पैर छुए। इस भावुक क्षण ने समारोह में मौजूद लोगों के दिलों को छू लिया और सोशल मीडिया पर भी यह दृश्य तेजी से वायरल हो गया।
जस्टिस सूर्यकांत अपनी ईमानदार छवि, बेबाक फैसलों और न्यायपालिका में किए गए महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते हैं। शपथ लेने के बाद उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश DY चंद्रचूड़ और तत्कालीन CJI जस्टिस गवई से भी मुलाकात की। यह मुलाकात बेहद औपचारिक व सौहार्दपूर्ण रही, जहां न्यायपालिका से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जस्टिस सूर्यकांत पहले भी कई बार न्यायपालिका में सुधार और न्याय को सरल बनाने पर जोर दे चुके हैं, इसलिए उनसे न्याय व्यवस्था में नए बदलावों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
इसके बाद जस्टिस सूर्यकांत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी भेंट की। इन मुलाकातों के दौरान देश की न्याय प्रणाली, लंबित मामलों की संख्या कम करने और नागरिकों को त्वरित न्याय प्रदान करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने जस्टिस सूर्यकांत को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और न्यायपालिका को मजबूत बनाने के प्रति सरकार के संकल्प को दोहराया।
जस्टिस सूर्यकांत के CJI बनने से न्यायपालिका में नई ऊर्जा और नई दिशा की उम्मीद जताई जा रही है। वे अपने कड़े और पारदर्शी फैसलों के लिए जाने जाते हैं, साथ ही लोगों की समस्याओं को समझने की उनकी क्षमता उन्हें एक संवेदनशील न्यायाधीश बनाती है। उनके कार्यकाल से आम जनता को विशेष तौर पर यह उम्मीद है कि न्यायपालिका में बढ़ते मामलों को कम करने, तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने और कमजोर वर्गों को समय पर न्याय दिलाने की प्रक्रिया तेज होगी।
उनके शपथ ग्रहण समारोह में दिखी पारिवारिक गर्मजोशी और संवेदनशीलता ने यह स्पष्ट कर दिया कि जस्टिस सूर्यकांत न केवल एक बेहतरीन न्यायाधीश हैं, बल्कि भारतीय संस्कारों से जुड़े, विनम्र और प्रेरणादायी व्यक्तित्व भी हैं। उनका कार्यकाल देश की न्यायपालिका के लिए कई नए अध्याय जोड़ने वाला हो सकता है।



