अयोध्या राम मंदिर ध्वज स्थापना समारोह: ATS-NSG समेत 7000 सुरक्षाकर्मियों की कड़ी सुरक्षा

अयोध्या राम मंदिर में होने वाले धर्म ध्वज स्थापना समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर की गई है। इस ऐतिहासिक और अत्यंत संवेदनशील आयोजन के दौरान किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए लगभग 7,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को अयोध्या में तैनात किया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस, PAC, ATS, RAF, यूपी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड NSG के स्नाइपर कमांडो भी शामिल हैं, जो ऊंची इमारतों और प्रमुख स्थानों से पूरे क्षेत्र पर पैनी नजर रखेंगे। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे कार्यक्रम स्थल को कई सुरक्षा घेरों में बांटा है, ताकि आने-जाने वाले हर व्यक्ति और वाहन की कड़ी जांच हो सके।
अयोध्या में प्रवेश से लेकर राम मंदिर परिसर तक सभी मार्ग हाई-सुरक्षा जोन में बदल दिए गए हैं। ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ की गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है, जबकि एंटी-ड्रोन सिस्टम को संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय किया गया है ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध उड़ान या खतरे को तुरंत निष्क्रिय किया जा सके। ATS की टीमें खुफिया इनपुट पर काम कर रही हैं, वहीं बम डिस्पोज़ल स्क्वॉड लगातार पेट्रोलिंग कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने मंदिर परिसर, रामपथ, हनुमानगढ़ी, जन्मभूमि मार्ग और VIP मूवमेंट रूट को विशेष रूप से सुरक्षित घोषित किया है।
भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, अलग-अलग गेट, LED मॉनिटरिंग और कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, सुरक्षा कर्मियों को भीड़ प्रबंधन, इमरजेंसी रिस्पांस और हाई-अलर्ट स्थितियों से निपटने के लिए विशेष ब्रीफिंग दी गई है। NSG स्नाइपरों को उन क्षेत्रों में तैनात किया गया है, जहां से वे पूरे आयोजन पर दूरबीन और हाई-पावर राइफल्स की मदद से सटीक नजर बनाए रख सकें। कार्यक्रम में आने वाले VIP मेहमानों — साधु-संतों, राजनीतिक नेताओं और विशिष्ट अतिथियों — के लिए भी अलग सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किए गए हैं।
धर्म ध्वज स्थापना समारोह को ऐतिहासिक बनाते हुए पूरे अयोध्या शहर को सुरक्षा की दृष्टि से फोर्ट्रेस में बदल दिया गया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है और किसी भी खतरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इस बड़े आयोजन के माध्यम से अयोध्या एक बार फिर दुनिया को यह संदेश दे रही है कि सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सवों को सुरक्षित और भव्य तरीके से संपन्न कराने में भारत पूरी तरह सक्षम है।



