अयोध्या राम मंदिर में धर्म ध्वज फहराया गया, सीएम योगी ने बताया युगांतकारी क्षण

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में धर्म ध्वज की स्थापना एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण बन गया है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का दिव्य संदेश बताया। उनका कहना है कि राम मंदिर में धर्म ध्वज का फहराया जाना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक गौरव और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि यह ध्वज शौर्य, सत्य, धर्म और समरसता के उन मूल्यों का प्रतीक है, जो हजारों वर्षों से भारत की सभ्यता को दिशा देते रहे हैं। अयोध्या का यह क्षण आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने वाला बनकर इतिहास में दर्ज होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सिर्फ राम मंदिर का समारोह नहीं है, बल्कि पूरे देश और विश्वभर के करोड़ों राम भक्तों के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है। धर्म ध्वज की स्थापना यह संदेश देती है कि सत्य और धर्म की विजय अवश्य होती है, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को पुनर्जीवित कर रहा है और आज अयोध्या में ध्वजारोहण इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
सीएम योगी ने यह भी उल्लेख किया कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और अस्मिता का केंद्र है। इसका पुनर्निर्माण भारतीय संस्कृति की उस शक्ति को दर्शाता है जो समय-समय पर विपरीत परिस्थितियों में भी विश्व को मार्ग दिखाती रही है। उन्होंने कहा कि धर्म ध्वज की स्थापना से यह संदेश जाता है कि भारतीय समाज एकजुट होकर अपनी परंपराओं और संस्कृतियों को संवारने के लिए संकल्पित है।
समारोह के दौरान भारी संख्या में उपस्थित भक्तों और संतों ने उत्साहपूर्वक धर्म ध्वज की स्थापना का स्वागत किया। पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा, मानो स्वयं इतिहास इस क्षण का साक्षी बन रहा हो। यह दिव्य आयोजन अयोध्या को एक बार फिर दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करता है। सीएम योगी ने अंत में कहा कि राम मंदिर और धर्म ध्वज भारत की अमर सांस्कृतिक धरोहर के स्वरूप को और अधिक उज्ज्वल बनाएंगे और यह नया युग सनातन संस्कृति के स्वर्णिम भविष्य की ओर अग्रसर होगा।



