26 नवंबर संविधान दिवस: लखनऊ कार्यक्रम में सीएम योगी बोले— भारत का संविधान हमारी एकता और गौरव का प्रतीक

26 नवंबर को पूरे देश में संविधान दिवस मनाते हुए लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संविधान की उद्देशिका का सशपथ पाठ किया और नागरिकों को संविधान के मूल्यों के प्रति दृढ़ रहने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि भारत का संविधान न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विविधता, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता का सशक्त प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि हर भारतवासी को इस संविधान पर गर्व होना चाहिए, क्योंकि यह हमें अधिकार भी देता है और कर्तव्य निभाने का संकल्प भी।
कार्यक्रम में सीएम योगी ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी ही राष्ट्र का आधार है और संविधान दिवस जैसे अवसर उन्हें यह समझने का मार्ग दिखाते हैं कि नागरिक जिम्मेदारियों का पालन करते हुए कैसे देश निर्माण में योगदान दिया जा सकता है। योगी आदित्यनाथ ने विद्यालयों में संविधान जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में संविधान के प्रति सम्मान और इसके मूल सिद्धांतों की समझ जितनी जल्दी विकसित होगी, देश उतना ही मजबूत और जागरूक बनेगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान ने भारत की विविधता को एक सूत्र में पिरोते हुए एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण किया है जो दुनिया में लोकतंत्र का सबसे शक्तिशाली और जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत मिलने वाले मौलिक अधिकार हमें स्वतंत्रता देते हैं, लेकिन उसी के साथ कर्तव्यों की पूर्ति देश के विकास के लिए अनिवार्य है। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के पालन के लिए भी जागरूक रहें, क्योंकि यही कर्तव्य भावना एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है।
अंत में, सीएम योगी ने सभी लोगों से संविधान के आदर्शों— न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व— को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संविधान दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह राष्ट्र के प्रति कर्तव्य और प्रतिबद्धता को फिर से याद करने का अवसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत का हर नागरिक संविधान के अनुसार चलकर देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



