
उत्तर भारत में इस समय कड़ाके की ठंड अपने चरम पर है। जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में तापमान गिरकर -4°C तक पहुंच गया है, जिससे सामान्य जनजीवन पर असर पड़ रहा है। घाटी में सुबह और देर शाम घना कोहरा छा रहा है, वहीं पानी जमने की वजह से लोगों को पेयजल और वाहन संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फीली हवाएँ लगातार बह रही हैं और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और गिरावट की आशंका जताई है। पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी देखने की उम्मीद में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे स्थानीय कारोबारियों को राहत मिलती दिख रही है।
दिल्ली-NCR की बात करें तो ठंड ने राजधानी को पूरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लिया है। यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे दर्ज किया गया है, जिसके चलते IMD ने शीतलहर के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। सुबह-सुबह घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम हो गई है, जिससे ट्रैफिक की गति धीमी पड़ रही है और कई स्थानों पर उड़ानों के संचालन पर भी असर नजर आ रहा है। तेज़ उत्तरी हवाएं दिनभर कंपकंपी बढ़ा रही हैं और विशेषज्ञों का कहना है कि यह ठंड अगले कुछ दिनों तक इसी तरह जारी रह सकती है।
हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। इन राज्यों में रात के समय तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। स्कूलों में समय बदलने से लेकर खुले में काम करने वाले कर्मचारियों को विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। वहीं राजस्थान के उत्तरी क्षेत्रों में तापमान 2°C से 5°C के बीच बना हुआ है, जिससे मरूभूमि में भी ठंड का असर तेज़ हो गया है।
दक्षिण भारत की बात करें तो यहां मौसम अपेक्षाकृत सामान्य है, लेकिन तमिलनाडु और केरल में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। उधर, पूर्वोत्तर राज्यों में सुबह और रात के समय तेज़ ठंड के साथ कोहरा भी बढ़ रहा है। कुल मिलाकर, देश के अधिकांश हिस्सों में सर्दी ने दस्तक को कड़ाके की ठंड में बदल दिया है और अगले कुछ दिनों तक इससे राहत की संभावना कम ही दिख रही है।



