
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा इस बार कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और बदलते आर्थिक समीकरणों के बीच यह विजिट भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को नए अध्याय की ओर ले जाएगी। सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच कुल 8 अहम डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिनमें डिफेंस, ऑयल एंड एनर्जी सेक्टर, टेक्नोलॉजी को-ऑपरेशन, ट्रेड एक्सपेंशन और ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम के अपग्रेड जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। पुतिन का यह दौरा भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया दो ध्रुवों में बंटी नजर आ रही है और भारत संतुलित कूटनीति के साथ बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
रक्षा क्षेत्र की बात करें तो दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस मिसाइल के नेक्स्ट-जनरेशन अपग्रेड को लेकर व्यापक चर्चा तय मानी जा रही है। यह अपग्रेड मिसाइल को और तेज, और अधिक सटीक तथा लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम बनाएगा। इसके अलावा भारत रूसी तकनीक के साथ रक्षा निर्माण को “मेक इन इंडिया” के मॉडल पर और मजबूत करना चाहता है। माना जा रहा है कि जॉइंट प्रोडक्शन, स्पेयर पार्ट्स सप्लाई, और एयर डिफेंस सिस्टम पर भी समझौते हो सकते हैं। इससे न सिर्फ भारत की सैन्य क्षमता बढ़ेगी, बल्कि रक्षा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।
ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच लंबे समय से सहयोग चला आ रहा है, जिसे और विस्तार देने की तैयारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑयल और गैस सेक्टर में दो बड़ी डील की संभावना है, जिनमें लॉन्ग-टर्म सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट और जॉइंट इंवेस्टमेंट प्लान शामिल हैं। रूस भारत को डिस्काउंटेड रेट पर कच्चा तेल उपलब्ध कराता रहा है, और यह समझौते दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेंगे। इसके साथ ही न्यूक्लियर एनर्जी, कोयला आपूर्ति और पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं पर भी चर्चा होगी।
ट्रेड और टेक्नोलॉजी कोऑपरेशन को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले संभावित हैं। दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रख चुके हैं। डिजिटल पेमेंट, साइबर सिक्योरिटी, शिक्षा, स्पेस को-ऑपरेशन और फार्मा सेक्टर में भी साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बन सकती है। पुतिन का यह दौरा भारत-रूस रिश्तों में नई ऊर्जा भरने वाला साबित हो सकता है और आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता रखता है।



