
लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने लेबनान में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों को निशाना बनाते हुए जोरदार हवाई हमला किया है। इस एयरस्ट्राइक में हथियार डिपो, लॉन्च पैड और सैन्य ठिकानों को टारगेट किए जाने का दावा किया गया है। IDF के मुताबिक, ये ठिकाने इजरायल पर रॉकेट हमलों की योजना और क्रियान्वयन में इस्तेमाल किए जा रहे थे।
इजरायली सेना ने कहा है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई है। हाल के दिनों में उत्तरी इजरायल की ओर से लगातार रॉकेट और ड्रोन हमलों की कोशिशें की गई थीं, जिनके पीछे हिजबुल्लाह का हाथ बताया जा रहा है। IDF का कहना है कि लेबनान के दक्षिणी इलाकों में मौजूद हिजबुल्लाह के इंफ्रास्ट्रक्चर को कमजोर करना इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य था, ताकि भविष्य में इजरायली नागरिकों और सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
दूसरी ओर, लेबनान और हिजबुल्लाह समर्थित मीडिया ने दावा किया है कि इन हमलों में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और कुछ क्षेत्रों में आग लग गई। हालांकि हताहतों की संख्या को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। हिजबुल्लाह की ओर से भी जवाबी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनने की आशंका और बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गाजा युद्ध के बाद से इजरायल-हिजबुल्लाह सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों पक्ष सीमित हमलों के जरिए अपनी ताकत दिखा रहे हैं, लेकिन स्थिति कभी भी बड़े संघर्ष में बदल सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है, लेकिन जमीनी हालात फिलहाल तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
कुल मिलाकर, लेबनान में इजरायल का यह हवाई हमला मिडिल ईस्ट की अस्थिरता को और गहरा करता है। आने वाले दिनों में हिजबुल्लाह की प्रतिक्रिया और इजरायल की आगे की रणनीति पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि जरा सी चूक पूरे क्षेत्र को व्यापक युद्ध की ओर धकेल सकती है।



