
अफगानिस्तान से एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां चार अफगानी लड़के ब्रिटिश अधिकारियों की तरह कोट-पैंट, टाई और हैट पहनकर सड़क पर निकले और खुद को ‘लाटसाहब’ की तरह प्रस्तुत करने लगे। सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे, जिसके बाद मामला तालिबान प्रशासन की नजरों में आ गया। बताया जा रहा है कि तालिबान ने इस प्रदर्शन को अपने नियमों और सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ माना और तुरंत इन चारों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ये लड़के एक तरह से फन एक्ट और फोटोशूट के लिए यह पहनावा धारण कर रहे थे। उन्होंने पुरानी अंग्रेज़ी शैली के लंबे कोट, चमकीले जूते, बो-टाई और गोल हैट पहन रखे थे, जिससे लोग उन्हें देखकर हैरान रह गए। कई लोग इन्हें देखकर मुस्कुराए, कुछ ने मजाक में फोटो खिंचवाई, लेकिन चेहरों की यही मुस्कान तालिबान प्रशासन को पसंद नहीं आई। तालिबान के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के कपड़े और प्रदर्शन इस्लामी मूल्यों और देश की ‘संस्कृति’ के खिलाफ हैं, इसलिए इन्हें हिरासत में लेना पड़ा।
घटना के सामने आने के बाद मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि कपड़ों और फैशन को लेकर इतनी सख्त कार्रवाई व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन है। तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अफगानिस्तान में ड्रेस कोड को लेकर कई तरह की पाबंदियाँ लगाई गई हैं। महिलाओं से लेकर पुरुषों तक, सभी पर धार्मिक आधार पर तय किया गया पहनावा अनिवार्य किया जा रहा है। ऐसे में एक मजाकिया स्टाइल में तैयार हुए चार युवकों की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि देश में सामान्य सामाजिक गतिविधियों पर भी नियंत्रण लगातार बढ़ रहा है।
सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे गलत बताते हुए तालिबान के अत्यधिक दखल की आलोचना कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे देश के सांस्कृतिक मूल्यों के नाम पर सही भी ठहरा रहे हैं। हालाँकि सच यह है कि युवा पीढ़ी आज भी अपनी अभिव्यक्ति को लेकर संघर्ष कर रही है और वैश्विक फैशन या मनोरंजन के साधारण रूप भी अफगानिस्तान में विवाद और गिरफ्तारी का कारण बन जाते हैं। यह घटना एक बार फिर दुनिया को तालिबान शासन के कठोर सामाजिक ढांचे की याद दिलाती है।



