शिष्टाचार भेंट: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पीयूष गोयल की मुलाकात, प्रदेश विकास पर जोर

माननीय केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल जी से आज लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की शिष्टाचार भेंट हुई। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश, बुनियादी ढांचे के विस्तार और रोजगार सृजन के प्रयासों की जानकारी साझा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश और उद्योग के लिए देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी नीतियां और तेज़ निर्णय प्रक्रिया ने प्रदेश को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल जी ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में केंद्र सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और निर्यात को बढ़ावा देने वाली योजनाओं में उत्तर प्रदेश की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
भेंट के दौरान औद्योगिक गलियारों, लॉजिस्टिक्स, एमएसएमई सेक्टर, स्टार्टअप्स और निर्यात संवर्धन जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी और संसाधन इसे आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाते हैं। यदि केंद्र और राज्य मिलकर योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें, तो प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के मॉडल से प्रदेश को अभूतपूर्व लाभ मिल रहा है। सड़क, रेल, एयर कनेक्टिविटी, ऊर्जा और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए सुधारों से आम जनता के जीवन स्तर में सुधार आया है। इस शिष्टाचार भेंट को राजनीतिक शिष्टता के साथ-साथ विकासात्मक साझेदारी को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, यह मुलाकात केंद्र और राज्य के बीच सहयोग, संवाद और विकास की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आने वाले समय में ऐसी बैठकों से उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएगा।



