सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएसी स्थापना दिवस पर वीर जवानों के पराक्रम को किया स्मरण

लखनऊ में आयोजित पी.ए.सी. स्थापना दिवस समारोह–2025 के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की परंपरा को सशक्त शब्दों में रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएसी केवल एक सशस्त्र बल नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ है, जिसने हर संकट की घड़ी में साहस, शौर्य और समर्पण का परिचय दिया है। उन्होंने स्मरण कराया कि संसद पर हुए आतंकी हमले के दौरान पीएसी के जवानों ने अद्भुत वीरता का प्रदर्शन करते हुए सभी आतंकवादियों को मार गिराया था। यह घटना देश की सुरक्षा में पीएसी की निर्णायक भूमिका का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने जुलाई 2005 में श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या परिसर पर हुए आतंकी हमलों का भी उल्लेख किया और बताया कि उस कठिन समय में सीआरपीएफ, पीएसी और उत्तर प्रदेश पुलिस ने आपसी समन्वय और अदम्य साहस के साथ आतंकवादियों का सफाया किया, जिससे एक बड़े संकट को टाल दिया गया।
सीएम योगी ने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश सुरक्षित, सुदृढ़ और संवेदनशील शासन का उदाहरण बन रहा है, जिसका श्रेय हमारे सुरक्षा बलों की तत्परता, प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधनों को जाता है। उन्होंने पीएसी के आधुनिकीकरण, बेहतर प्रशिक्षण, नई तकनीक और जवानों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अनुशासन, सेवा भाव और राष्ट्र प्रथम की भावना पीएसी की पहचान है, और यही मूल्य युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने शहीद जवानों को नमन करते हुए उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं के लिए सदैव तत्पर रहेगी। मुख्यमंत्री ने अंत में आह्वान किया कि पीएसी सहित सभी सुरक्षा बल आपसी तालमेल, सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कानून-व्यवस्था को और मजबूत करें, ताकि उत्तर प्रदेश विकास, विश्वास और सुरक्षा के नए मानक स्थापित करता रहे। यह समारोह न केवल अतीत की वीर गाथाओं का स्मरण था, बल्कि भविष्य के लिए संकल्प और संकल्पना का भी सशक्त मंच बना।



