यूपी के दो बड़े शहरों में बनेगी AI सिटी, सीएम योगी के निर्देश पर तेज हुई तैयारी

उत्तर प्रदेश को तकनीकी और डिजिटल रूप से देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के दो प्रमुख शहरों में अत्याधुनिक AI सिटी (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिटी) विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और नई डिजिटल तकनीकों का प्रमुख केंद्र बनाना है। सरकार का मानना है कि AI सिटी न केवल तकनीकी विकास को गति देगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप के नए अवसर भी पैदा करेगी।
AI सिटी में आधुनिक आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर, इनोवेशन हब, स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर और स्किल डेवलपमेंट संस्थान विकसित किए जाएंगे। यहां देश-विदेश की टेक कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा, जिससे प्रदेश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। खास बात यह है कि इन शहरों को स्मार्ट सिटी मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जहां ट्रैफिक मैनेजमेंट, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और शहरी सुविधाएं AI आधारित तकनीक से संचालित होंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए और निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाए। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि स्थानीय युवाओं को AI, डेटा साइंस और नई तकनीकों में प्रशिक्षण मिले, ताकि वे भविष्य की जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार कर सकें। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों और टेक कंपनियों के साथ साझेदारी की योजना भी बनाई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI सिटी की स्थापना से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और राज्य तकनीकी नवाचार के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना सकेगा। यह पहल “डिजिटल इंडिया” और “मेक इन इंडिया” जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी मजबूती प्रदान करेगी। कुल मिलाकर, यूपी में बनने वाली AI सिटी न सिर्फ तकनीकी विकास का प्रतीक होगी, बल्कि प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी।



