प्रेस कान्फ्रेंस में वी०बी० जीरामजी जनजागरण अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत, समाज को जागरूक करने की पहल

वी०बी० जीरामजी जनजागरण अभियान के सम्बन्ध में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में अभियान के उद्देश्यों, कार्ययोजना और समाज पर इसके सकारात्मक प्रभाव को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि वी०बी० जीरामजी जनजागरण अभियान का मूल उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक जागरूकता का संदेश पहुंचाना है, ताकि लोग अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझ सकें। इस अभियान के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रेस कान्फ्रेंस में बताया गया कि जनजागरण अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक आंदोलन है, जिसमें युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। अभियान के तहत गांव-गांव और शहर-शहर जाकर जागरूकता कार्यक्रम, संवाद सत्र, कार्यशालाएं और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। इससे लोगों को न केवल जानकारी मिलेगी, बल्कि वे सामाजिक बदलाव के सहभागी भी बनेंगे।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज के सामने कई चुनौतियां हैं, जैसे सामाजिक कुरीतियां, भ्रामक सूचनाएं, स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही और शिक्षा के महत्व को कम आंकना। वी०बी० जीरामजी जनजागरण अभियान इन सभी मुद्दों पर सकारात्मक संवाद स्थापित कर समाधान की दिशा में कार्य करेगा। प्रेस कान्फ्रेंस में यह भी स्पष्ट किया गया कि अभियान राजनीति से ऊपर उठकर केवल जनहित और समाज कल्याण के लिए समर्पित है।
मीडिया प्रतिनिधियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए अभियान के संयोजकों ने कहा कि जनजागरण तभी सफल होगा जब आम नागरिक इसे अपनी जिम्मेदारी समझकर आगे आएंगे। इसके लिए सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और जनसंपर्क के विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, स्थानीय स्तर पर स्वयंसेवकों को जोड़कर अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
अंत में प्रेस कान्फ्रेंस में सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे वी०बी० जीरामजी जनजागरण अभियान से जुड़ें, जागरूक बनें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अपनी भूमिका निभाएं। यह अभियान एक सशक्त, जागरूक और जिम्मेदार समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



