लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी का पुस्तक विमोचन समारोह: जानें ‘प्रारंभिक उत्तर भारत और इसके सिक्के’

दिनांक 08 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ पर एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिष्ठित पुस्तक ‘प्रारंभिक उत्तर भारत और इसके सिक्के’ का विमोचन किया, जो ऐतिहासिक और numismatic (सिक्कों से संबंधित) शोध पर आधारित है। इस पुस्तक का उद्देश्य प्राचीन उत्तर भारत के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को बेहतर ढंग से समझाना है।
पुस्तक में उत्तर भारत के विभिन्न साम्राज्यों और राज्यों में प्रचलित सिक्कों का विस्तृत विवरण दिया गया है। इसमें उनके रूप, वजन, धातु, मुद्रा प्रणाली और कला के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। सिक्कों का अध्ययन केवल आर्थिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक घटनाओं, व्यापारिक संबंधों और उस काल के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश को जानने के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुस्तक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शोध युवाओं, इतिहासकारों और numismatists के लिए मार्गदर्शक साबित होगी।
कार्यक्रम में कई विद्वानों, शोधकर्ताओं और समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया। उन्होंने पुस्तक के विषय और उसके शोध योगदान पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर पुस्तक के लेखक का अभिनंदन करते हुए उनके निरंतर शोध और मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे शोध कार्य इतिहास के विभिन्न पहलुओं को उजागर करने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर भारत का इतिहास अत्यंत समृद्ध है और इसकी गहराई को समझना सभी के लिए आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि प्राचीन काल के सिक्कों का अध्ययन न केवल अतीत की झलक देता है, बल्कि वर्तमान और भविष्य की नीतियों और आर्थिक समझ को भी प्रभावित करता है। उन्होंने इस पुस्तक के विमोचन को सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस प्रकार, ‘प्रारंभिक उत्तर भारत और इसके सिक्के’ पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि इतिहास और संस्कृति के प्रति लोगों की रुचि को भी प्रोत्साहित करने वाला साबित हुआ। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया और इस प्रकार के शैक्षणिक प्रयासों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया।



