सुभाष चन्द्र बोस जयंती कार्यक्रम में सीएम योगी: देशभक्ति और प्रेरणा का संगम

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी की जयंती के अवसर पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भी प्रेरणादायक बना दिया। यह अवसर केवल श्रद्धांजलि का नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग और आत्मसम्मान के मूल्यों को पुनः स्मरण करने का भी था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने नेताजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐसे महानायक थे, जिनका जीवन साहस, दृढ़ संकल्प और देश के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक है। “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” जैसे ओजस्वी नारे आज भी युवाओं के हृदय में जोश भर देते हैं। नेताजी ने आज़ाद हिंद फौज के माध्यम से न केवल ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दी, बल्कि भारतीयों में आत्मविश्वास और स्वाभिमान की भावना को प्रबल किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि नेताजी का विचार था कि राष्ट्र सर्वोपरि है और व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर देश के लिए कार्य करना ही सच्ची देशसेवा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान भारत, नेताजी के सपनों का सशक्त और आत्मनिर्भर भारत बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। सरकार युवाओं को राष्ट्रनिर्माण से जोड़ने और उनके भीतर नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है।
पुष्पांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह में देशभक्ति का भाव स्पष्ट रूप से झलक रहा था। राष्ट्रगान और “भारत माता की जय” के नारों के साथ वातावरण गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नेताजी के जीवन से प्रेरणा लेकर अनुशासन, परिश्रम और साहस को अपने जीवन में अपनाएं।
अंत में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस केवल इतिहास के पन्नों में सिमटे हुए व्यक्तित्व नहीं हैं, बल्कि वे आज भी हमारे मार्गदर्शक हैं। उनकी जयंती हमें यह संकल्प लेने का अवसर देती है कि हम एक मजबूत, एकजुट और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।



