
भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा से बातचीत कर द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने पर जोर दिया। इस संवाद में दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, कृषि, व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ब्राजील समान मूल्यों, लोकतांत्रिक परंपराओं और विकासशील देशों के हितों को आगे बढ़ाने के साझा दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वहीं राष्ट्रपति लूला ने भारत को एक भरोसेमंद साझेदार बताते हुए सहयोग को और गहरा करने की इच्छा जताई।
बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और तकनीकी सहयोग पर विशेष ध्यान दिया। ऊर्जा क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा, बायोफ्यूल और हरित हाइड्रोजन जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में भी अनुभव साझा करने और संयुक्त परियोजनाओं पर सहमति बनी। रक्षा सहयोग को लेकर दोनों देशों ने प्रशिक्षण, तकनीक और संयुक्त अभ्यासों को बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया।
इसके साथ ही वैश्विक मंचों पर सहयोग को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले। जी20, ब्रिक्स और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और ब्राजील की साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी। पीएम मोदी ने कहा कि विकासशील देशों की आवाज को मजबूती से रखने में भारत और ब्राजील की भूमिका महत्वपूर्ण है। दोनों नेताओं ने जलवायु परिवर्तन, वैश्विक शांति, आतंकवाद और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।
कुल मिलाकर, पीएम मोदी और राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की यह बातचीत भारत–ब्राजील संबंधों के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है। इससे न केवल द्विपक्षीय सहयोग को मजबूती मिलेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी दोनों देशों की साझेदारी अधिक प्रभावशाली होगी। रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक क्षेत्रों में यह संवाद आने वाले समय में ठोस परिणाम देने की उम्मीद जगाता है।



