कर्तव्य पथ पर राष्ट्रधर्म का गौरव: मेजर हितेश ने स्वदेशी युद्धक टैंक का किया नेतृत्व

कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड के दौरान एक भावुक और गर्व से भरा दृश्य देखने को मिला, जब मेजर हितेश ने स्वदेशी युद्धक टैंक का नेतृत्व करते हुए राष्ट्रधर्म निभाया। देश की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर भारत की झलक दिखाती इस परेड में जैसे ही टैंक दस्ता आगे बढ़ा, वहां मौजूद दर्शकों की आंखों में गर्व और सम्मान साफ झलक रहा था। इस ऐतिहासिक पल की सबसे बड़ी साक्षी बनीं मेजर हितेश की मां, जिनकी आंखें खुशी से नम हो गईं। उन्होंने कहा, “आज मेरा सपना पूरा हो गया, बेटे को देश के लिए कर्तव्य निभाते देखना हर मां का सबसे बड़ा गर्व होता है।”
मेजर हितेश द्वारा संचालित स्वदेशी युद्धक टैंक न सिर्फ भारतीय सेना की ताकत का प्रतीक है, बल्कि यह देश की रक्षा निर्माण क्षमता और आत्मनिर्भरता का भी सशक्त संदेश देता है। वर्षों की मेहनत, कठोर प्रशिक्षण और अनुशासन का परिणाम था कि मेजर हितेश को इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया। परेड के दौरान उनका आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया। यह पल केवल एक सैनिक की उपलब्धि नहीं था, बल्कि हर उस परिवार के लिए गर्व का क्षण था, जिसने अपने बेटे-बेटी को देश सेवा के लिए समर्पित किया है।
मेजर हितेश की मां ने बताया कि बचपन से ही बेटे में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी थी। स्कूल के दिनों से सेना में जाने का सपना देखने वाला यह बेटा आज कर्तव्य पथ पर स्वदेशी टैंक का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार ने हमेशा उसे ईमानदारी, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण का पाठ पढ़ाया। आज वही संस्कार राष्ट्र के सामने जीवंत हो उठे।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने मेजर हितेश और उनकी यूनिट की जमकर सराहना की। सोशल मीडिया पर भी यह दृश्य तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग इसे “नए भारत की सैन्य शक्ति” और “आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था” का प्रतीक बता रहे हैं। कर्तव्य पथ पर गूंजता यह गौरवपूर्ण क्षण आने वाली पीढ़ियों को देश के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देता रहेगा।



