यूपी अभ्युदय कोचिंग भर्ती घोटाला: संयुक्त निदेशक स्तर के अफसरों से होगी पूछताछ

उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी अभ्युदय कोचिंग योजना एक बार फिर सुर्खियों में है। इस योजना के तहत की गई भर्ती में गड़बड़ी के गंभीर आरोप सामने आने के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर शासन स्तर पर सख्ती बरती जा रही है और अब संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। अभ्युदय योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना है, लेकिन भर्ती में कथित धांधली ने इस योजना की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि कोचिंग में शिक्षकों और अन्य पदों की नियुक्ति के दौरान नियमों की अनदेखी की गई, पात्रता मानकों को दरकिनार किया गया और कुछ मामलों में सिफारिश व पक्षपात की भूमिका भी सामने आई है। प्रारंभिक जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं थी। इसी को ध्यान में रखते हुए अब उच्च स्तर के अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। शासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर होगी तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह भी बताया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार पर हमला तेज कर दिया है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। वहीं, सरकार का दावा है कि वह किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी और अभ्युदय योजना की मूल भावना को बनाए रखने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। माना जा रहा है कि संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारियों से होने वाली पूछताछ के बाद मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे भर्ती प्रक्रिया की सच्चाई सामने आएगी और आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी।



