
सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि जनता ने जनसुराज को नकार दिया है और आपकी कोशिशें केवल पब्लिसिटी पाने की हैं, न कि देश या जनता की भलाई के लिए।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक विश्लेषक या रणनीतिकारों को अपने दृष्टिकोण में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए और जनता की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले बयानों से बचना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह फटकार राजनीतिक सलाहकारों और विशेषज्ञों के लिए चेतावनी है कि वे अपने काम में जनहित और संवेदनशीलता को सर्वोपरि रखें। प्रशांत किशोर ने अभी तक कोर्ट की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।



