
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने पांच तेजस लड़ाकू विमान तैयार कर लिए हैं, लेकिन डिलीवरी में देरी के कारण कंपनी भारत की पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान परियोजना में रेस से पीछे हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर डिलीवरी न होने से भारतीय वायुसेना की आधुनिकीकरण योजना प्रभावित हो सकती है।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि परियोजना में देरी के कारण HAL को अन्य अंतरराष्ट्रीय और घरेलू प्रतियोगियों के मुकाबले पिछड़ने का खतरा है। सरकार और वायुसेना अधिकारियों ने कहा कि समय पर उत्पादन और तकनीकी विकास सुनिश्चित करना अब प्राथमिकता बन गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर HAL समय पर डिलीवरी और परीक्षण पूरा नहीं कर पाता, तो भारत की पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट में रणनीतिक महत्व प्रभावित हो सकता है।



