
असम की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब कुछ कांग्रेस नेताओं पर सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की ओर अभद्र इशारे करने का आरोप लगा। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया और राजनीतिक माहौल गरमा गया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़ा कोई भी मामला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी दल या पद से जुड़ा व्यक्ति क्यों न हो। सीएम ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात दोहराई।
घटना सामने आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि महिलाओं के सम्मान की बात करने वाली कांग्रेस को पहले अपने नेताओं के व्यवहार पर जवाब देना चाहिए। वहीं कांग्रेस की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, हालांकि कुछ नेताओं ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। इस बीच महिला संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में मौजूद लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और इस तरह की हरकतें समाज में गलत संदेश देती हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है और वीडियो व अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध सामग्री के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा हमेशा संवेदनशील रहा है। ऐसे में सरकार की कार्रवाई और जांच के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।



