रिश्वतखोरी आरोप: CGST अफसरों से जल्द पूछताछ, ED ने खंगाली चल-अचल संपत्ति

केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग के कुछ अधिकारियों पर लगे घूसखोरी के आरोपों ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मामले में तेजी दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों की चल और अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्योरा तैयार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी को शुरुआती जांच में आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध लेनदेन के संकेत मिले हैं, जिसके आधार पर जल्द ही पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद तेज हुई, जिनमें व्यापारियों और कंपनियों से टैक्स मामलों में राहत देने, नोटिस कम करने या जांच को प्रभावित करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप लगाए गए थे। ED अब मनी ट्रेल खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित तौर पर वसूली गई रकम कहां-कहां निवेश की गई। जांच के दायरे में बैंक खाते, बेनामी संपत्तियां, परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई जमीन-जायदाद और अन्य निवेश शामिल हैं।
एजेंसी के अधिकारियों का मानना है कि दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। जिन अफसरों के नाम सामने आए हैं, उन्हें नोटिस भेजने की तैयारी है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान आमने-सामने बैठाकर भी सवाल किए जा सकते हैं, ताकि कथित नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
इस घटनाक्रम ने विभागीय स्तर पर भी हलचल बढ़ा दी है। ईमानदारी और पारदर्शिता की छवि बनाए रखने के लिए उच्च अधिकारी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं।
फिलहाल सभी की निगाहें ED की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि पूछताछ और दस्तावेजी पड़ताल के बाद मामले में और नाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में यह जांच CGST विभाग में जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रही है।



