Budget 2026: मिशन 2027 की तैयारी में योगी सरकार, इंफ्रास्ट्रक्चर से रोजगार तक बड़े दांव

उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बजट 2026 को केवल वार्षिक आय-व्यय का दस्तावेज न मानकर इसे ‘मिशन 2027’ की मजबूत आधारशिला के रूप में तैयार करने की रणनीति बनाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सरकार की प्राथमिकता ऐसे प्रोजेक्ट्स पर है, जिनका सीधा असर जनता के जीवन, रोजगार, निवेश और बुनियादी सुविधाओं पर दिखाई दे। यही वजह है कि इस बार के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक विकास, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और शहरी विकास जैसी योजनाओं को तेज रफ्तार देने पर जोर रहने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि बड़े निवेश और निर्माण कार्य न केवल प्रदेश की तस्वीर बदलते हैं बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नौकरियों के अवसर भी पैदा करते हैं। इसी सोच के तहत एमएसएमई सेक्टर को मजबूती, स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन, और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने वाली योजनाओं को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ जैसी पहल को नई ऊर्जा देने की तैयारी है ताकि पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग का लाभ मिल सके।
ग्रामीण क्षेत्रों को भी मिशन 2027 की रणनीति में खास जगह दी जा रही है। सड़कों, पेयजल, आवास, स्वास्थ्य केंद्रों और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार पर जोर रहेगा। किसानों के लिए सिंचाई परियोजनाएं, भंडारण सुविधाएं और एग्री-प्रोसेसिंग यूनिट्स बढ़ाने की दिशा में प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार चाहती है कि गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और पलायन कम हो।
साथ ही सामाजिक योजनाओं के जरिए महिलाओं, युवाओं और गरीब वर्ग तक सीधे लाभ पहुंचाने पर भी फोकस रहेगा। छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार और सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से अहम मानी जा रही हैं।
कुल मिलाकर बजट 2026 को विकास, निवेश और जनकल्याण के संतुलन के साथ इस तरह गढ़ने की तैयारी है, जिससे 2027 तक सरकार अपने कामकाज का ठोस रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रख सके। यही रिपोर्ट कार्ड आगे चलकर चुनावी नैरेटिव तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।



