गोमती नदी बचाने के लिए 1500 किलोमीटर की जागरूकता यात्रा, पीलीभीत से गाजीपुर तक 15 फरवरी से शुरू

गोमती नदी की सुरक्षा और प्रदूषण मुक्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत होने जा रही है। पीलीभीत से गाजीपुर तक लगभग 1500 किलोमीटर लंबी यात्रा 15 फरवरी से शुरू होगी, जिसका मुख्य उद्देश्य जनता में नदी संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और स्थानीय समुदायों को प्रदूषण कम करने के लिए सक्रिय करना है। इस यात्रा में विभिन्न एनजीओ, पर्यावरणविद, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी होगी, जो हर जिले और कस्बे में जाकर लोगों को गोमती नदी की महत्ता और इसके प्रति हमारी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी देंगे। यात्रा के दौरान नदी की सफाई, जल स्त्रोतों का संरक्षण और औद्योगिक व घरेलू प्रदूषण रोकने के उपायों पर विशेष जोर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान सिर्फ जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सामूहिक प्रयासों के माध्यम से नदी के किनारे सफाई और पौधरोपण जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी। यात्रा का मार्ग मुख्य रूप से पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, लखनऊ, हरदोई, रायबरेली, फैजाबाद, वाराणसी और गाजीपुर जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से होकर गुजरेगा, जो गोमती के प्रवाह क्षेत्र में आते हैं। अभियान के आयोजकों ने बताया कि यात्रा के दौरान स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर सेमिनार, कार्यशालाएं और प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएंगी ताकि लोगों में नदी के प्रति जागरूकता और संरक्षण की भावना बढ़ सके। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहल लंबे समय में नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को स्थिर करने और जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने में सहायक होगी। इस अभियान से न केवल गोमती नदी की शुद्धता में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय समुदायों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता भी बढ़ेगी। इसके अलावा, यह यात्रा मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से व्यापक प्रचारित की जाएगी, जिससे पूरे देश में लोगों को नदी बचाने के प्रयासों के प्रति जागरूक किया जा सके। कुल मिलाकर यह पहल गोमती नदी को बचाने और सतत जल प्रबंधन के महत्व को समझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।



