US ट्रेड डील में कृषि बाहर, सूर्य प्रकाश शाही बोले– कांग्रेस और सपा फैला रहीं भ्रम

हाल ही में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सियासत तेज हो गई है। कृषि क्षेत्र को इस डील से बाहर रखने के फैसले पर जहां विपक्ष सवाल उठा रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सूर्य प्रकाश शाही ने साफ कहा है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है। उनका कहना है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही हैं ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके। शाही ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—देश का अन्नदाता सुरक्षित रहे, उसकी उपज और आय पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि कृषि भारत की आजीविका, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना का आधार है। ऐसे में किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में इसे शामिल करने से पहले व्यापक विचार-विमर्श जरूरी होता है। सरकार ने किसानों, विशेषज्ञों और विभिन्न संगठनों की राय को ध्यान में रखते हुए ही कृषि क्षेत्र को फिलहाल बाहर रखा है। शाही के मुताबिक विपक्ष यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि सरकार दबाव में झुक गई, जबकि सच्चाई यह है कि यह फैसला पूरी तरह से किसानों की सुरक्षा के लिए लिया गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई, बीज, तकनीक और बाजार उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। अगर डील में कृषि को शामिल किया जाता और उससे स्थानीय उत्पादकों को नुकसान की आशंका होती, तो सरकार कभी ऐसा कदम नहीं उठाती। शाही ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि जब भी किसानों के हित में निर्णय होते हैं, तब भी वे शंका और डर का माहौल बनाते हैं। इससे न केवल गलत संदेश जाता है बल्कि किसानों में अनावश्यक चिंता भी पैदा होती है।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में यदि किसी भी व्यापार वार्ता में कृषि से जुड़ा कोई प्रस्ताव आता है, तो उसे पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक किया जाएगा और किसानों की सहमति को महत्व दिया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य वैश्विक व्यापार को बढ़ाना जरूर है, लेकिन देश के किसानों की कीमत पर नहीं। इस बयान के साथ उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह राजनीति से ऊपर उठकर किसानों के मन में भ्रम फैलाने के बजाय रचनात्मक सहयोग करे।



