
देश में आयोजित प्रतिष्ठित एआई समिट के दौरान हुए हंगामे को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। प्रशासनिक जांच में जिन लोगों की पहचान की गई है, उनमें दो लोग बिहार और एक उत्तर प्रदेश से जुड़े बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार ये तीनों व्यक्ति Indian National Congress से जुड़े कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन करते हुए व्यवधान उत्पन्न किया। बताया जा रहा है कि समिट में देश-विदेश से तकनीक विशेषज्ञ, उद्योगपति और नीति निर्माता शामिल हुए थे, ऐसे में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियों ने सीसीटीवी फुटेज और मौके पर मौजूद अधिकारियों के बयान के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित की है। सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम के बीच अचानक नारेबाजी शुरू हुई, जिससे कुछ समय के लिए मंचीय कार्यवाही बाधित हुई। आयोजन समिति ने इसे सुनियोजित विरोध करार देते हुए कहा कि समिट का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना था, न कि राजनीतिक मंच बनाना। प्रशासन अब आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है और संबंधित राज्यों की पुलिस से भी संपर्क साधा गया है। वहीं विपक्षी दल की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं ने इसे शांतिपूर्ण विरोध बताया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा भी शुरू कर दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई जैसे संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र से जुड़े आयोजनों में राजनीतिक हस्तक्षेप से देश की वैश्विक छवि प्रभावित हो सकती है। फिलहाल प्रशासन तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कह रहा है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जा सकती है।



