
देश की राजनीति में एक बार फिर चुनावी माहौल बनने जा रहा है। पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों को लेकर जल्द ही बड़ा ऐलान हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग अगले हफ्ते इन राज्यों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। जैसे ही चुनाव की तारीखों का एलान होगा, उसी समय से संबंधित राज्यों में आचार संहिता भी लागू हो जाएगी। चुनावी तारीखों को लेकर राजनीतिक दलों के साथ-साथ मतदाताओं की भी नजरें चुनाव आयोग के फैसले पर टिकी हुई हैं।
बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग ने तैयारियों का अंतिम चरण पूरा कर लिया है। सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतदान कर्मियों की तैनाती जैसे कई अहम पहलुओं की समीक्षा की जा चुकी है। आयोग इस बात का भी ध्यान रख रहा है कि चुनाव शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सकें। इसके लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती का भी विस्तृत खाका तैयार किया जा रहा है।
इन पांच राज्यों में चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। सत्तारूढ़ दलों से लेकर विपक्षी पार्टियां तक चुनावी तैयारियों में जुट गई हैं। बड़े नेताओं की रैलियों, जनसभाओं और प्रचार अभियानों की योजना बनाई जा रही है। खास तौर पर पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज मानी जा रही है, जहां विभिन्न दलों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।
चुनाव आयोग की ओर से जैसे ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होगी, उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से मतदान कराया जाएगा और तय तारीख पर मतगणना होगी। इन चुनावों के नतीजे न सिर्फ संबंधित राज्यों की राजनीति तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में देश की राजनीतिक गतिविधियां और भी तेज होने की संभावना है।



