UP Weather Update: मार्च में ही बढ़ी भीषण गर्मी, चैत्र में जेठ जैसी तपिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आमतौर पर जिस तपिश का एहसास अप्रैल-मई में होता है, वह इस बार मार्च में ही महसूस होने लगी है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस बार चैत्र के महीने में ही जेठ जैसी गर्मी पड़ने की संभावना है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और दोपहर के समय धूप काफी तीखी महसूस हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और झांसी जैसे शहरों में दिन का तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। कुछ इलाकों में यह 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के करीब भी जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल गर्मी जल्दी शुरू होने के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की कमी और साफ आसमान बड़ी वजह है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मार्च के दूसरे और तीसरे सप्ताह में गर्मी और तेज हो सकती है। तेज धूप के साथ-साथ गर्म हवाएं चलने की भी संभावना जताई जा रही है। हालांकि फिलहाल लू की आधिकारिक स्थिति नहीं है, लेकिन दोपहर के समय बाहर निकलने पर लू जैसे हालात महसूस हो सकते हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन भी मौसम के इस असामान्य पैटर्न का एक कारण बन रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मौसम के चक्र में तेजी से बदलाव देखा गया है, जिसके कारण सर्दी कम और गर्मी जल्दी शुरू हो रही है। यही वजह है कि इस साल मार्च में ही तापमान तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय धूप में कम निकलें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें। किसानों को भी फसलों की सिंचाई और देखभाल पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है, क्योंकि बढ़ती गर्मी का असर रबी की फसलों पर पड़ सकता है।



