
देश के कई बड़े शहरों में रसोई गैस यानी LPG की आपूर्ति प्रभावित होने की खबरों के बीच केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद और कुछ अन्य महानगरों में गैस सिलेंडर की कमी की शिकायतें सामने आने के बाद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में LPG की मौजूदा स्थिति, सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों और जल्द से जल्द सामान्य आपूर्ति बहाल करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं, बढ़ती मांग और कुछ क्षेत्रों में परिवहन बाधाओं के कारण सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हुई है। कई शहरों में उपभोक्ताओं को सिलेंडर की डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तेल कंपनियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करें और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध कराया जाए। बैठक के बाद हरदीप पुरी ने कहा कि देश में LPG का पर्याप्त भंडार मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आपूर्ति से जुड़ी अस्थायी समस्याओं को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके साथ ही तेल विपणन कंपनियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे डिलीवरी नेटवर्क को मजबूत करें और मांग वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराएं। सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और राज्यों के साथ समन्वय बनाकर सप्लाई को सामान्य किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में LPG की खपत लगातार बढ़ रही है, खासकर उज्ज्वला योजना के बाद ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सिलेंडर की मांग में वृद्धि हुई है। ऐसे में आपूर्ति तंत्र को और मजबूत बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। फिलहाल केंद्र सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि देश के किसी भी हिस्से में घरेलू गैस की कमी न हो और लोगों की रसोई बिना किसी बाधा के चलती रहे।



