
हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में एक थाईलैंड के जहाज पर मिसाइल हमला हुआ है, जो गुजरात की ओर जा रहा था। इस हमले की जानकारी मिलने के बाद भारत सरकार ने इसे “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और घटना की निंदा की। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधि को पूरी तरह अस्वीकार्य माना जाता है। भारत ने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण समाधान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
घटना की रिपोर्ट के अनुसार, जहाज पर अचानक मिसाइल हमले से भय और क्षति उत्पन्न हुई, हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार कोई बड़ा मानवीय नुकसान नहीं हुआ है। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि इस क्षेत्र में नौवहन सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहना आवश्यक है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य तेल और मालवाहक जहाजों के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मार्ग है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
भारत ने अपने बयान में कहा कि क्षेत्रीय शांति और समुद्री सुरक्षा सभी देशों के लिए अनिवार्य है। इस हमले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए सभी समुद्री देशों को मिलकर इसे रोकने की दिशा में काम करना चाहिए। भारत ने इस मामले में थाईलैंड के साथ भी संपर्क स्थापित किया और स्थिति की समीक्षा की। साथ ही भारत ने यह सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया कि भारतीय जलमार्गों और व्यापार मार्गों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में तनावपूर्ण बना हुआ है और इस तरह की घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है। भारत ने कहा कि वह क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए आवश्यक अंतरराष्ट्रीय सहयोग में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
इस घटना ने समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि वह समुद्री सुरक्षा के लिए सतत निगरानी रखेगी और किसी भी प्रकार की असुरक्षा या हिंसक घटना के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगी। भारतीय नौसेना और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है।



