सरकारी अस्पतालों में बढ़ेगी पारदर्शिता: यूपी के 1170 अस्पतालों में कैमरों से होगी 194 मानकों पर निगरानी

उत्तर प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के 1170 सरकारी अस्पतालों पर ‘तीसरी आंख’ यानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत अस्पतालों में होने वाली गतिविधियों की मॉनीटरिंग 194 तय मानकों के आधार पर की जाएगी, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधाएं मिल सकें। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का उद्देश्य अस्पतालों में अनुशासन बनाए रखना, डॉक्टरों और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है। कैमरों के जरिए ओपीडी, इमरजेंसी, दवा वितरण काउंटर, वार्ड, जांच कक्ष और अस्पताल परिसर जैसी प्रमुख जगहों पर नजर रखी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि मरीजों को समय पर इलाज मिले, अनावश्यक भीड़ या अव्यवस्था न हो और अस्पतालों में किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों के अनुसार इस निगरानी प्रणाली से अस्पतालों की कार्यप्रणाली का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा और जिन अस्पतालों में मानकों का पालन नहीं होगा, वहां सुधार के लिए निर्देश दिए जाएंगे। इसके अलावा मरीजों की शिकायतों की भी बेहतर तरीके से जांच हो सकेगी क्योंकि कैमरों में दर्ज फुटेज के आधार पर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि आम लोगों का सरकारी अस्पतालों पर भरोसा भी मजबूत होगा। खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के अस्पतालों में यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हो सकती है, जहां अक्सर संसाधनों और निगरानी की कमी के कारण समस्याएं सामने आती हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डिजिटल मॉनीटरिंग और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से अस्पतालों की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के लाखों मरीजों को बेहतर और पारदर्शी चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।



