
हाल ही में मिडिल ईस्ट में तनाव और युद्ध जैसे हालात तेज़ हो गए हैं, जब अमेरिका ने ईरान के खर्ग द्वीप (Kharg Island) पर सैन्य ठिकानों पर भारी हवाई हमले किए। इस हमले के तुरंत बाद ईरान ने चेतावनी जारी की है कि अगर उसके तेल और ऊर्जा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी तरह का हमला होता है, तो वह प्रतिशोध में उन सभी तेल और ऊर्जा सुविधाओं को राख कर देगा। यह बयान आज की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खबरों में से एक बन गया है, जिसने वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजारों में नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। citeमहत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है, जहां से देश का अधिकांश कच्चा तेल समुद्री मार्गों के जरिए निर्यात होता है। अमेरिकन प्रशासन के अनुसार, इस द्वीप पर अमेरिकी मिसाइलों और विमानों ने और सैन्य ठिकानों और रक्षा संरचनाओं को निशाना बनाया, जिसमें एक एयरलाइन कण्ट्रोल टावर, एयर डिफेंस सिस्टम और नौसैनिक सुविधा शामिल थी। हालांकि तेल निर्यात से जुड़ी बुनियादी ढांचा संरचनाओं को फिलहाल नहीं टच किया गया, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान खाड़ी में जहाजों के सुरक्षित मार्ग को बाधित करता है या स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमज़ में किसी भी तरह की दखलअंदाजी करता है, तो तेल नेटवर्क को भी निशाना बनाया जाएगा।



