
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक अस्पताल के पास जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते आसमान में धुएं का घना गुबार उठने लगा। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक यह धमाका एयरस्ट्राइक के बाद हुआ, जिसके लिए पाकिस्तान पर आरोप लगाए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और मरीजों, डॉक्टरों व स्थानीय लोगों में भय का माहौल फैल गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और कई लोग घायल हो गए। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान को निशाना बनाए जाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। अफगान अधिकारियों ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह मानवता के खिलाफ अपराध है, क्योंकि अस्पतालों को युद्ध के दौरान भी सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है। वहीं पाकिस्तान की ओर से इस घटना को लेकर अभी तक स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने हालात को और गंभीर बना दिया है। सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई हैं और घायलों को इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर अफगानिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां पहले से ही हालात नाजुक बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन को भी सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग भी उठने लगी है ताकि ऐसे हमलों को रोका जा सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। कुल मिलाकर, काबुल में हुआ यह धमाका न केवल एक दुखद घटना है बल्कि यह पूरे क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अस्थिरता की ओर भी इशारा करता है, जिससे आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं।



