
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नया खुलासा सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार के बयान के मुताबिक, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कथित तौर पर “10 दिनों” के एक खास समय का इंतजार कर रहे थे। इस बयान के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि उस समय के दौरान कोई बड़ा सैन्य या रणनीतिक फैसला लिया जा सकता था, जो सीधे तौर पर ईरान से जुड़ा हो सकता था।
पूर्व सलाहकार ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन के दौरान ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की रणनीति पर गंभीरता से विचार किया जा रहा था। इस दौरान सैन्य विकल्पों पर भी चर्चा हुई थी और स्थिति इतनी संवेदनशील हो गई थी कि किसी भी समय टकराव युद्ध का रूप ले सकता था। हालांकि, उस “10 दिनों” के इंतजार के पीछे क्या विशेष कारण था, इसे लेकर अभी भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह समय खुफिया सूचनाओं या कूटनीतिक प्रयासों के परिणाम का इंतजार करने के लिए तय किया गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव कई बार युद्ध के मुहाने तक पहुंच चुका है। ट्रंप के कार्यकाल में ईरान के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंधों को और कड़ा किया गया था, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और अधिक खराब हो गए थे। इसी पृष्ठभूमि में यह नया खुलासा बताता है कि हालात कितने गंभीर हो सकते थे।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भविष्य में अमेरिका और ईरान के बीच सीधा सैन्य टकराव संभव है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बयानबाजी जारी है, लेकिन वैश्विक समुदाय शांति और कूटनीति के जरिए समाधान की उम्मीद कर रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर क्या नया मोड़ आता है और क्या वाकई उस “10 दिनों” का कोई बड़ा रहस्य सामने आ पाएगा।



