


ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक शेयर बाजारों पर देखने को मिल सकता है। ऐसे हालात में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना रहती है, जिसका सीधा प्रभाव भारतीय बाजार पर भी पड़ता है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने का है, क्योंकि अनिश्चितता के माहौल में बाजार में तेजी से बदलाव हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, तेल और गैस, रक्षा तथा आईटी जैसे सेक्टर पर खास नजर रखनी चाहिए। यदि तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो ऊर्जा कंपनियों को फायदा हो सकता है, जबकि कुछ अन्य सेक्टरों पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है, ताकि जोखिम को संतुलित किया जा सके।