


भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ता सहयोग “चिप से शिप” तक फैलता जा रहा है, जो तकनीक से लेकर भारी उद्योग तक के क्षेत्रों को कवर करता है। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश, तकनीकी आदान-प्रदान और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।
सेमीकंडक्टर यानी चिप निर्माण से लेकर शिपबिल्डिंग तक के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साझेदारी को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह दोनों देशों के आर्थिक विकास को नई दिशा देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में और मजबूत स्थिति दिला सकता है, जबकि दक्षिण कोरिया को एक बड़े और तेजी से बढ़ते बाजार का लाभ मिलेगा।