


मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा के 73 विपक्षी सांसदों ने इस संबंध में नोटिस दिया है, जिसमें चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। यह कदम विपक्ष की ओर से एक समन्वित प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
इस घटनाक्रम को आम आदमी पार्टी (AAP) में कथित टूट और आंतरिक राजनीतिक तनाव के बीच दूसरी बड़ी कोशिश के रूप में भी जोड़ा जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंताएं हैं, जबकि आयोग ने अब तक इन सभी आरोपों को खारिज किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि इसमें संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और निष्पक्षता पर व्यापक बहस की संभावना है।