उत्तर प्रदेश
इटौंजा में बाढ़ से कई गांव बने टापू, नाव बनी सहारा
इटौंजा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बुधवार को जलस्तर तेजी से बढ़ने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। लासा और अकड़रिया खुर्द के रास्ते भी पानी में डूब गए, जबकि सुल्तानपुर और बहादुरपुर के मार्ग पहले से ही बंद थे। सुल्तानपुर-बहादुरपुर मार्ग पर प्रशासन ने दो मोटर बोट लगाई हैं, जबकि क्षेत्र में पहले से 11 नावें संचालित हो रही हैं। लासा और अकड़रिया खुर्द के लिए भी दो नावें लगाई गई हैं।
बाढ़ के कारण ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही के साथ-साथ खेती और पशुपालन पर भी असर पड़ा है। इससे पहले भी गोमती का जलस्तर बढ़ने से सुल्तानपुर, बहादुरपुर और आसपास के गांवों में सड़कें जलमग्न हुई थीं और प्रशासन ने नावों के जरिए लोगों के आवागमन की व्यवस्था की थी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राशन वितरण और प्रशासनिक निगरानी भी जारी है। अधिकारियों की टीम ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, जलभराव से फसलों, मवेशियों के चारे और ग्रामीणों के आवागमन पर भी असर पड़ा है।