G20 में आम सहमति नहीं बनी, पीयूष गोयल ने बताई मतभेदों की वजह

पीयूष गोयल ने शिकागो में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के एक कार्यक्रम में G20 बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि मंत्रियों के बीच बातचीत काफी उपयोगी रही, लेकिन कुछ देशों के विचारों में अंतर के कारण अंतिम परिणाम दस्तावेज तैयार नहीं हो सका। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन देशों के बीच किन मुद्दों पर मतभेद रहे।
बैठक में फोर्स्ड लेबर से बने सामान, विश्व व्यापार संगठन (WTO) के भविष्य और सरकारी समर्थन से बढ़ी उत्पादन क्षमता जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इन मुद्दों पर देशों के दृष्टिकोण अलग-अलग रहे।
औद्योगिक अतिरिक्त क्षमता के मुद्दे पर अमेरिका ने चीन समेत कुछ अर्थव्यवस्थाओं की उत्पादन क्षमता और उसके वैश्विक बाजारों पर असर को लेकर चर्चा की। वहीं भारत ने कहा कि उत्पादन और सप्लाई चेन में विविधता जरूरी है, लेकिन इसके लिए WTO नियमों से बाहर जाकर कदम नहीं उठाए जाने चाहिए।
फोर्स्ड लेबर के मुद्दे पर भी व्यापक सहमति नहीं बन सकी। भारत ने कहा कि ऐसे मामलों में व्यापार संबंधी कार्रवाई विशिष्ट और सत्यापन योग्य सबूतों पर आधारित होनी चाहिए तथा WTO नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
हालांकि, खाद्य आपूर्ति को व्यापारिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल करने के मुद्दे पर G20 व्यापार मंत्रियों ने साझा बयान पर सहमति बनाई। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अनुसार, इस विषय पर पूरे G20 ने सहमति जताई।



