
कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच SIR को लेकर विवाद लगातार राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। इसी बीच मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी की तीन मांगों को फिर से सामने रखा है। इनमें CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया को रद्द करना और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग शामिल है।
खरगे ने कहा कि इन मांगों पर कांग्रेस का रुख समझौते वाला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ INDIA गठबंधन के सहयोगी दल भी इन मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ये बयान ऐसे समय आया है जब चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच तीखी बहस चल रही है।
SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में चुनाव आयुक्तों की ओर से SIR से जुड़े फैसलों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि संस्थागत प्रक्रियाओं में अलग-अलग विचार और टिप्पणियां चर्चा का हिस्सा होती हैं तथा उसके आदेश कानूनी और निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के तहत जारी किए जाते हैं।
इससे पहले खरगे ने चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग करते हुए मतदाता सूची में बड़े बदलावों का पूरा डेटा सार्वजनिक करने, जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं उन्हें जानकारी और अपील का अवसर देने तथा राजनीतिक दलों को जरूरी चुनावी डेटा उपलब्ध कराने जैसी मांगें भी रखी थीं।
फिलहाल CEC के इस्तीफे, SIR और बैलेट पेपर को लेकर खरगे की मांगें राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में सरकार, चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर चर्चा और विरोध प्रदर्शन बढ़ने की संभावना पर नजर रहेगी।



