लखनऊ में चेतावनी निशान के करीब पहुंचा गोमती का जलस्तर

लखनऊ में गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार शाम छह बजे नदी का जलस्तर 107.24 मीटर तक पहुंच गया। इसके साथ ही नदी चेतावनी निशान के और करीब पहुंच गई है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ में गोमती के लिए चेतावनी स्तर 108.50 मीटर और खतरे का स्तर 109.50 मीटर निर्धारित है। अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर 110.85 मीटर 10 सितंबर 1971 को दर्ज किया गया था।
गोमती का पानी शहर के कई निचले इलाकों में फैल चुका है। फैजुल्लागंज के अलावा गोमती नगर एक्सटेंशन और नदी के आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
इकाना स्टेडियम से पलासियो मॉल की ओर जाने वाले मार्ग पर भी गोमती का पानी पहुंच गया है। रिपोर्ट के अनुसार इकाना स्टेडियम के आसपास के हिस्सों में भी पानी भर गया है, जबकि पलासियो मॉल के आसपास तीन तरफ जलभराव की स्थिति बताई गई है।
गोमती का पानी ट्रिपल आईटी परिसर तक भी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए करीब 100 छात्र-छात्राओं को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
भैसाकुंड बैकुंठ धाम में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। नदी का पानी अंतिम संस्कार के लिए बने कई चबूतरों तक पहुंच गया है, जिससे दाह संस्कार और राख-अस्थियों को सुरक्षित रखने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लखनऊ में बाढ़ की स्थिति केवल स्थानीय बारिश का परिणाम नहीं है। अधिकारियों के अनुसार गोमती के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में हुई भारी बारिश का पानी कई दिनों की यात्रा के बाद राजधानी तक पहुंचा है।
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज किया है। निचले क्षेत्रों में नावें तैनात की गई हैं और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के साथ सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।
गोमती के जलस्तर पर प्रशासन और सिंचाई विभाग की लगातार नजर बनी हुई है। नदी के जलस्तर में आगे होने वाली वृद्धि या कमी के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव व्यवस्था को आगे समायोजित किया जाएगा।



